हर्निया(Hernia) क्या होता है? कारण, लक्षण और इलाज की पूरी जानकारी

हर्निया(Hernia) क्या होता है? कारण, लक्षण और इलाज की पूरी जानकारी

January 31, 2026 Dr. Abhimanyu Kapoor0
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अक्सर लोग पेट या शरीर के किसी हिस्से में हल्का सा उभार या सूजन दिखने पर उसे छोटी समस्या समझकर ध्यान नहीं देते। लेकिन कई बार यही उभार हर्निया की शुरुआत हो सकता है। शुरू में इसमें ज्यादा दर्द नहीं होता, इसलिए लोग इसे गंभीर नहीं मानते। समय के साथ यह परेशानी बढ़ सकती है और उठने-बैठने या रोज़ के काम करने में दिक्कत होने लगती है। अगर समय रहते सही जानकारी और इलाज न किया जाए, तो हर्निया से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

इस ब्लॉग में हर्निया से जुड़ी जरूरी बातें आसान और साफ शब्दों में समझाई गई हैं, ताकि लोग इसके शुरुआती लक्षण पहचान सकें और यह जान सकें कि कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे समय पर इलाज करवा सकें और आगे होने वाली परेशानियों से बच सकें।

हर्निया क्या होता है?

हर्निया तब होता है जब शरीर की किसी जगह की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं और अंदर का कोई अंग या ऊतक उस कमजोर हिस्से से बाहर की ओर उभरने लगता है। यह उभार अक्सर धीरे-धीरे दिखाई देता है और पेट के बाउंड्री के मांसपेशी कमजोर होकर बाउंड्री में स्थित नेचुरल छेद को बड़ा होके छेद से  पेट के अंदर के अंग या अंग का हिस्सा जैसे आंत से बाहर लटकना शुरुआत में ज्यादा परेशानी नहीं देता।

ज्यादातर मामलों में हर्निया पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण होता है, लेकिन यह जांघ, नाभि या पेट के ऊपरी हिस्से में भी हो सकता है। शुरू में इसमें दर्द नहीं होता या बहुत हल्का होता है, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन समय के साथ यह समस्या बढ़ सकती है और दर्द या असहजता महसूस होने लगती है।

हर्निया क्या है और यह कैसे बनता है?

अगर सरल शब्दों में समझें, तो हर्निया क्या है यह शरीर की संरचना में आई कमजोरी का परिणाम है। जब पेट या शरीर के किसी हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ता है और मांसपेशियां उसे संभाल नहीं पातीं, तो अंदर का अंग बाहर की ओर निकल आता है।

यह दबाव अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे भी बढ़ सकता है मांसपेशी के बीच से रास्ता बनाकर।

हर्निया होने के प्रमुख कारण

हर्निया होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। नीचे सबसे आम कारण दिए गए हैं:

  • जन्म से मांसपेशियों की कमजोरी
  • भारी वजन उठाना
  • लगातार कब्ज की समस्या
  • लंबे समय तक खांसी
  • मोटापा
  • गर्भावस्था
  • पेट का घाव ठीक से पूर्ण रूप से ना जुड़ना या मांसपेशी जुड़े बिना सिर्फ छाला चमड़ी जुड़ना इनसीजनल हर्निया बनता है।
  • बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना

इन कारणों से पेट या शरीर के अन्य हिस्सों पर दबाव बढ़ता है, जिससे हर्निया बनने की संभावना रहती है।

हर्निया के लक्षण

हर्निया के लक्षण व्यक्ति और उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं। आमतौर पर दिखाई देने वाले लक्षण इस प्रकार हैं:

  • पेट, जांघ या नाभि के पास सूजन जैसा दिखना
  • खड़े होने या वजन उठाने पर उभार बढ़ना / लेटने पर
  • हल्का या तेज दर्द / खिंचाव का महसूस होना
  • पेट में भारीपन
  • जलन या खिंचाव महसूस होना
  • कुछ मामलों में समय में इलाज ना करने पर जटिल समस्या पर हर्निया से आंत लटक के पुल जाने से आंतों का रुकावट लगातार उल्टी, पेट फूल जाना, दर्द असहज होना। आंत का नीला या काला पड़ जाना। (सड़ जाना)

अगर उभार दर्द के साथ सख्त हो जाए या अंदर न जाए, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है।

हर्निया के प्रकार

हर्निया का प्रकार विवरण
इनगुइनल हर्निया जांघ के पास, पुरुषों में ज्यादा
अम्बिलिकल हर्निया नाभि के आसपास
हायटस हर्निया पेट का ऊपरी हिस्सा
फेमोरल हर्निया जांघ के ऊपरी हिस्से में
इन्सीजनल हर्निया सर्जरी के बाद

हर प्रकार के हर्निया का इलाज अलग तरीके से किया जाता है।

हर्निया की जांच कैसे की जाती है?

डॉक्टर सबसे पहले शारीरिक जांच करते हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर ये जांच की जाती हैं:

  • अल्ट्रासाउंड
  • सीटी स्कैन
  • एमआरआई
  • एंडोस्कोपी (हायटस हर्निया में)

सही जांच से यह तय किया जाता है कि हर्निया कितना गंभीर है।

हर्निया का इलाज

हर्निया का इलाज उसकी गंभीरता और प्रकार पर निर्भर करता है। सभी मामलों में तुरंत सर्जरी जरूरी नहीं होती, लेकिन अधिकतर मामलों में सर्जरी ही हर्निया का एक मात्र इलाज है।

1. शुरुआती अवस्था में

ये प्रयास हर्निया जल्दी बड़ा होने से रोकते है। ऑपरेशन की सफलता या जाली के मजबूती को सहयोग करते हैं।

2. सर्जरी ही हर्निया का इलाज है।

सर्जरी जब हर्निया बढ़ता है जाए, बुरा दिखने लगे हर्निया में आंत फंस जाए आंतों में रुकावट आ जाए।

3. सर्जरी

जब हर्निया बढ़ने लगे या दर्द देने लगे, तो सर्जरी की सलाह दी जाती है।

हर्निया सर्जरी के प्रकार

सर्जरी का प्रकार विशेषता
ओपन सर्जरी पारंपरिक तरीका
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कम दर्द, जल्दी रिकवरी

आजकल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है।

हर्निया का इलाज न कराने पर क्या हो सकता है?

अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो हर्निया में ये जटिलताएं हो सकती हैं:

  • तेज दर्द
  • आंतों में रुकावट
  • रक्त संचार बंद होना और काला पड़ जाना (सड़ जाना)
  • जान जाने का खतरा/ सेप्टिक सड़ जाना अगर आंत काली पड़ जाए तो ऐसे जटिल अवस्था सड़ा हुआ/ आंत को काटकर निकलना तथा जोड़ना या स्टोमा बनाना पड़ सकता है।

इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हर्निया से बचाव के उपाय

  • मोटापा से बचे
  • भारी सामान सही तरीके से उठाएं
  • कब्ज/प्रोस्टेट या खांसी के इलाज में कराएं।
  • नियमित व्यायाम करें
  • धूम्रपान न करें 

इलाज के लिए सही समय क्यों जरूरी है?

हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता। समय पर इलाज कराने से सर्जरी आसान होती है और जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है। अनुभवी डॉक्टरों द्वारा सही समय पर किया गया इलाज बेहतर परिणाम देता है।

निष्कर्ष

हर्निया एक ऐसी बीमारी है जो शुरू में छोटी लग सकती है, लेकिन समय के साथ गंभीर हो सकती है। इसके शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानना बहुत जरूरी है। अगर पेट या शरीर के किसी हिस्से में उभार दिखाई दे, दर्द हो या बार-बार असहजता महसूस हो, तो देर किए बिना डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता। इलाज में देरी करने से दर्द बढ़ सकता है और दूसरी परेशानियां भी हो सकती हैं। सही जानकारी, समय पर जांच और सही इलाज से इस समस्या को आसानी से संभाला जा सकता है। ऐसे मामलों में Regency Hospitals (रेजेंसी हॉस्पिटल्स) में मौजूद GI Surgery की आधुनिक सुविधाएं सही जांच और बेहतर इलाज में मदद करती हैं।

यहाँ अनुभवी GI सर्जन मरीज की जरूरत को समझते हुए आधुनिक तरीकों से इलाज करते हैं, जिससे ऑपरेशन के बाद जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है और जटिलताओं का खतरा कम रहता है। जागरूक रहकर और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर आप अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख सकते हैं और आगे होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।

(FAQs)

1. हर्निया क्या होता है और यह क्यों होता है?

हर्निया मांसपेशियों की कमजोरी के कारण होता है, जब अंदर का अंग बाहर की ओर उभर आता है।

2. क्या हर्निया बिना सर्जरी ठीक हो सकता है?

नहीं, हर्निया पूरी तरह ठीक करने के लिए अधिकतर मामलों में सर्जरी जरूरी होती है।

3. हर्निया का इलाज कब जरूरी हो जाता है?

जटिलता से बचने के लिए समय पर सर्जरी करना जरूरी है।

4. क्या हर्निया जानलेवा हो सकता है?

जरूर, अगर हर्निया में आंत फंस जाए और काला पड़ जाए तो सेप्टिक से जान जा सकती है

5. हर्निया सर्जरी के बाद कितने दिन में ठीक हो जाता है?

भारी काम, वजन उठना पूरा व्यायाम को 3 महीने तक करना सावधानी है

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