बार-बार बुखार आने का कारण: लक्षण, वजह और इलाज

बुखार एक आम स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन जब बुखार बार-बार आने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो यह किसी गंभीर अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। अधिकतर लोग बुखार को हल्के में ले लेते हैं और घरेलू दवाओं से ही ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन बार-बार बुखार आने का कारण जानना बहुत जरूरी होता है।
इस ब्लॉग में हम बुखार से जुड़ी जरूरी जानकारी को आसान भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे। इसमें बताया गया है कि बुखार क्यों आता है, इसके सामान्य लक्षण क्या होते हैं और किन स्थितियों में बुखार बार-बार होने लगता है। साथ ही, सही जांच और इलाज के विकल्पों पर भी चर्चा की गई है, ताकि पाठक समय रहते सही निर्णय ले सकें। यह पूरी जानकारी Regency Hospitals (रेजेंसी हॉस्पिटल्स) के अनुभवी डॉक्टरों के अनुभव और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों पर आधारित है।
बुखार क्या है?
जब शरीर का सामान्य तापमान 98.6°F (37°C) से ऊपर चला जाता है, तो उस स्थिति को बुखार कहा जाता है। बुखार कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो संक्रमण या बीमारी से लड़ने के लिए होती है।
बुखार के लक्षण
बुखार आने पर व्यक्ति में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बुखार के लक्षण इस प्रकार हैं:
- शरीर का तापमान बढ़ जाना
- ठंड लगना या कंपकंपी
- सिरदर्द
- बदन दर्द और थकान
- अधिक पसीना आना
- भूख न लगना
- कमजोरी महसूस होना
- बच्चों में चिड़चिड़ापन
यदि बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बेहोशी या झटके आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बुखार के तापमान का विवरण
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बुखार आने का कारण
बुखार आने का कारण कई तरह का हो सकता है। कुछ कारण सामान्य होते हैं, जबकि कुछ गंभीर बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं।
1. वायरल संक्रमण
वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, फ्लू और कोविड जैसी बीमारियां बुखार का सबसे आम कारण हैं। ऐसे मामलों में बुखार आमतौर पर 2–3 दिन में ठीक हो जाता है।
2. बैक्टीरियल संक्रमण
टाइफाइड, निमोनिया, गले का संक्रमण, मूत्र संक्रमण जैसी स्थितियों में तेज और लंबे समय तक बुखार रह सकता है।
3. मच्छर जनित रोग
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया में अचानक तेज बुखार आता है। भारत में मानसून के मौसम में बार-बार बुखार आने का कारण यही बीमारियां होती हैं।
4. कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
डायबिटीज, कैंसर, लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन या कुपोषण के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे बुखार बार-बार हो सकता है।
5. ऑटोइम्यून रोग
कुछ बीमारियों में शरीर अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करता है, जिससे लंबे समय तक हल्का या तेज बुखार बना रह सकता है।
बार-बार बुखार आने का कारण
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार बुखार हो रहा है, तो यह केवल मौसम बदलने की वजह नहीं होती। बार-बार बुखार आने का कारण नीचे दी गई गंभीर स्थितियां हो सकती हैं:
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ऐसी स्थिति में केवल बुखार की दवा लेना सही नहीं होता।
बुखार के प्रकार
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बुखार की जांच कैसे की जाती है?
- खून की जांच
- डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड टेस्ट
- पेशाब की जांच
- एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड
- जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन या एमआरआई
बुखार का इलाज
बुखार का इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है।
वायरल बुखार
- आराम करना
- अधिक मात्रा में पानी पीना
- डॉक्टर की सलाह से दवा लेना
बैक्टीरियल बुखार
- एंटीबायोटिक दवाएं (केवल डॉक्टर की सलाह से)
डेंगू या मलेरिया
- प्लेटलेट्स और अन्य रिपोर्ट की निगरानी
- कई मामलों में अस्पताल में भर्ती जरूरी
घरेलू देखभाल
- गुनगुने पानी से शरीर पोंछना
- हल्का और पौष्टिक भोजन
- पर्याप्त नींद
बुखार में क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- पानी, नारियल पानी और ओआरएस पिएं
- शरीर का तापमान नियमित जांचें
- डॉक्टर से समय पर सलाह लें
क्या न करें
- बिना सलाह के दवाइयां न लें
- लंबे समय तक बुखार को नजरअंदाज न करें
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
- बुखार 3 दिन से अधिक रहे
- बार-बार बुखार लौटकर आए
- बच्चों या बुजुर्गों को बुखार हो
- बुखार के साथ चकत्ते, सांस की दिक्कत या तेज सिरदर्द हो
निष्कर्ष
बुखार आमतौर पर एक सामान्य समस्या मानी जाती है, लेकिन जब यह बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। यह शरीर में किसी संक्रमण, कमजोरी या अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है। बुखार के लक्षणों को समय पर पहचानना, उसकी सही वजह जानना और उचित जांच करवाना इलाज की दिशा में पहला और सबसे जरूरी कदम है।
अगर बुखार कुछ दिनों में ठीक न हो या बार-बार लौटकर आए, तो खुद से दवाइयां लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है। सही समय पर इलाज न सिर्फ बीमारी को बढ़ने से रोकता है, बल्कि जटिलताओं के जोखिम को भी कम करता है।
Regency Hospitals (रेजेंसी हॉस्पिटल्स) में अनुभवी चिकित्सकों और आधुनिक जांच सुविधाओं के माध्यम से बुखार के मूल कारण की पहचान कर सुरक्षित और प्रभावी इलाज प्रदान किया जाता है। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर आप अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकते हैं और गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।
(FAQs)
बार-बार बुखार आना किस बीमारी का संकेत है?
यह टीबी, टाइफाइड, डेंगू या इम्यून सिस्टम की कमजोरी का संकेत हो सकता है।
बुखार कितने दिन तक रहना सामान्य है?
वायरल बुखार 2–3 दिन में ठीक हो जाता है।
क्या बार-बार बुखार आना खतरनाक है?
हां, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
बुखार में कौन-कौन सी जांच जरूरी होती है?
खून की जांच, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड टेस्ट।
बुखार में तुरंत अस्पताल कब जाना चाहिए?
तेज बुखार, बेहोशी या सांस की समस्या होने पर तुरंत जाएं।
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