किडनी स्टोन के 7 सामान्य लक्षण: इन्हें नजरअंदाज न करें

किडनी स्टोन के 7 सामान्य लक्षण: इन्हें नजरअंदाज न करें

June 19, 2026 Regency Health0
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परिचय

किडनी स्टोन, जिसे गुर्दे की पथरी भी कहा जाता है, एक आम लेकिन दर्दनाक समस्या है। यह तब बनती है जब मूत्र में मौजूद खनिज और लवण आपस में मिलकर कठोर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। शुरुआत में पथरी छोटे आकार की हो सकती है और कोई लक्षण नहीं देती, लेकिन जैसे-जैसे इसका आकार बढ़ता है या यह मूत्र मार्ग में फंसती है, तब गंभीर दर्द और अन्य परेशानियां शुरू हो सकती हैं।

बहुत से लोग किडनी स्टोन के लक्षण को सामान्य पेट दर्द या गैस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इस लेख में हम किडनी स्टोन के 7 प्रमुख लक्षण, कारण, जोखिम कारक, जांच, उपचार और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

किडनी स्टोन क्या है?

किडनी स्टोन खनिजों और लवणों से बनी एक कठोर संरचना होती है जो गुर्दों में बनती है। यह रेत के कण जितनी छोटी या गोल्फ बॉल जितनी बड़ी भी हो सकती है।

पथरी बनने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं:

  • पर्याप्त पानी न पीना
  • अधिक नमक का सेवन
  • अत्यधिक प्रोटीन युक्त आहार
  • पारिवारिक इतिहास
  • मोटापा
  • कुछ चिकित्सीय स्थितियां

किडनी स्टोन के 7 सामान्य लक्षण

1. कमर या पीठ में तेज दर्द

यह किडनी स्टोन के लक्षण  में सबसे आम और प्रमुख लक्षण माना जाता है। दर्द आमतौर पर कमर के एक तरफ शुरू होता है और धीरे-धीरे पेट के निचले हिस्से या जांघ तक फैल सकता है।

दर्द की विशेषताएं:

  • अचानक शुरू होना
  • लहरों की तरह आना-जाना
  • बहुत तीव्र होना
  • बैठने या लेटने से आराम न मिलना

2. पेशाब करते समय दर्द या जलन

जब पथरी मूत्रवाहिनी के निचले हिस्से में पहुंच जाती है, तब पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस हो सकती है।

इसके साथ:

  • पेशाब में असुविधा
  • बार-बार पेशाब की इच्छा
  • पेशाब करते समय चुभन

जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

3. पेशाब में खून आना

पथरी होने के लक्षण में पेशाब का गुलाबी, लाल या भूरा दिखाई देना भी शामिल है। पथरी मूत्र मार्ग की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकती है जिससे रक्तस्राव हो सकता है।

यदि पेशाब में खून दिखाई दे तो इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

4. बार-बार पेशाब आना

किडनी स्टोन होने पर बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस हो सकती है, खासकर जब पथरी मूत्राशय के करीब पहुंच जाती है।

लक्षण:

  • थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब लगना
  • रात में बार-बार उठना
  • पेशाब के बाद भी पूरा खाली न होने का एहसास

5. मतली और उल्टी

गुर्दे और पाचन तंत्र के बीच तंत्रिका संबंध होने के कारण किडनी स्टोन के दर्द के साथ मतली और उल्टी की समस्या भी हो सकती है।

यह विशेष रूप से तब अधिक होती है जब दर्द बहुत ज्यादा हो।

6. पेशाब का रंग या गंध बदलना

गुर्दे की पथरी के लक्षण में पेशाब का धुंधला दिखाई देना या तेज गंध आना भी शामिल हो सकता है।

इसके कारण:

  • संक्रमण
  • मूत्र में खनिजों की अधिकता
  • पथरी की वजह से रुकावट

हो सकते हैं।

7. बुखार और ठंड लगना

यदि किडनी स्टोन के साथ संक्रमण भी हो जाए तो बुखार और ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

किडनी स्टोन के लक्षण और उनकी गंभीरता

लक्षण गंभीरता
कमर या पेट में दर्द बहुत सामान्य
पेशाब में जलन सामान्य
पेशाब में खून गंभीर संकेत
बार-बार पेशाब आना सामान्य
मतली और उल्टी मध्यम से गंभीर
धुंधला पेशाब संक्रमण का संकेत
बुखार और ठंड लगना तत्काल चिकित्सा सहायता आवश्यक

पथरी होने के कारण

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी कई कारणों से बन सकती है। आमतौर पर जब मूत्र में मौजूद खनिज और लवण अधिक मात्रा में जमा होने लगते हैं, तो वे धीरे-धीरे कठोर होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। कुछ जीवनशैली संबंधी आदतें और स्वास्थ्य स्थितियां पथरी बनने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

पानी कम पीना

पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना किडनी स्टोन बनने के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो मूत्र अधिक गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद खनिज आसानी से क्रिस्टल बनाकर पथरी का रूप ले सकते हैं।

अधिक नमक का सेवन

भोजन में अत्यधिक नमक का सेवन करने से मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है। यह अतिरिक्त कैल्शियम पथरी बनने की संभावना को बढ़ाता है। इसलिए अधिक नमकीन और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए।

मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली

अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों में किडनी स्टोन का खतरा अधिक देखा जाता है। शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित आहार और अत्यधिक जंक फूड का सेवन भी इस जोखिम को बढ़ा सकता है।

पारिवारिक इतिहास

यदि परिवार के किसी सदस्य को पहले गुर्दे की पथरी हो चुकी है, तो अन्य सदस्यों में भी इसके विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है। आनुवंशिक कारक कई मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुछ चिकित्सीय स्थितियां

कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी पथरी बनने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जैसे:

  • गाउट (Gout): शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता यूरिक एसिड स्टोन का कारण बन सकती है।
  • हाइपरपैराथायरायडिज्म: इस स्थिति में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है।
  • बार-बार मूत्र संक्रमण (UTI): लगातार संक्रमण कुछ प्रकार की पथरी बनने का कारण बन सकते हैं।
  • पाचन संबंधी रोग: क्रोहन रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस या अन्य पाचन विकार शरीर में खनिजों के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

असंतुलित आहार

अत्यधिक पशु प्रोटीन, शक्करयुक्त पेय पदार्थ और ऑक्सालेट से भरपूर खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन भी कुछ लोगों में किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ा सकता है।

इन कारणों को समझकर और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करके किडनी स्टोन के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

किडनी स्टोन के प्रकार 

पथरी का प्रकार मुख्य कारण
कैल्शियम स्टोन सबसे सामान्य
यूरिक एसिड स्टोन अधिक प्रोटीन सेवन
स्ट्रुवाइट स्टोन संक्रमण
सिस्टीन स्टोन आनुवंशिक कारण

 

किडनी स्टोन की जांच कैसे की जाती है?

यदि आपको गुर्दे की पथरी के लक्षण जैसे कमर में तेज दर्द, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना या पेशाब करते समय जलन महसूस हो रही है, तो डॉक्टर किडनी स्टोन की पुष्टि के लिए कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इन जांचों की मदद से पथरी के आकार, स्थान और प्रकार का पता लगाया जाता है, जिससे सही उपचार तय किया जा सके।

1. मूत्र जांच (Urine Test)

मूत्र जांच किडनी स्टोन की पहचान के लिए सबसे सामान्य परीक्षणों में से एक है। इसके माध्यम से डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि मूत्र में खून, संक्रमण या ऐसे खनिज तो नहीं हैं जो पथरी बनने का कारण बन रहे हों। कुछ मामलों में 24 घंटे का यूरिन टेस्ट भी कराया जा सकता है।

2. रक्त जांच (Blood Test)

रक्त जांच से शरीर में कैल्शियम, यूरिक एसिड और अन्य खनिजों के स्तर का पता लगाया जाता है। यह जांच गुर्दों की कार्यक्षमता का आकलन करने और पथरी बनने के संभावित कारणों की पहचान करने में मदद करती है।

3. अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

अल्ट्रासाउंड एक सुरक्षित और दर्दरहित जांच है, जिसका उपयोग किडनी और मूत्र मार्ग में मौजूद पथरी का पता लगाने के लिए किया जाता है। इससे पथरी के आकार और उसकी स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

4. सीटी स्कैन (CT Scan)

सीटी स्कैन किडनी स्टोन की जांच के लिए सबसे सटीक तरीकों में से एक माना जाता है। यह छोटी से छोटी पथरी का भी पता लगाने में सक्षम होता है और यह दिखाता है कि पथरी मूत्र मार्ग में कहां स्थित है तथा क्या किसी प्रकार की रुकावट पैदा कर रही है।

5. एक्स-रे (X-Ray)

कुछ प्रकार की पथरी साधारण एक्स-रे में भी दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, सभी पथरियां एक्स-रे में नहीं दिखतीं, इसलिए डॉक्टर आवश्यकता अनुसार अन्य उन्नत जांचों की भी सलाह दे सकते हैं।

इन जांचों के आधार पर डॉक्टर पथरी की गंभीरता का आकलन करते हैं और उसके अनुसार दवा, जीवनशैली में बदलाव या अन्य उपचार विकल्प सुझाते हैं।

गुर्दे की पथरी कैसे निकाले?

बहुत से लोग पूछते हैं कि गुर्दे की पथरी कैसे निकाले इसका उत्तर पथरी के आकार और स्थिति पर निर्भर करता है।

  1. अधिक पानी पीना: छोटी पथरी कई बार पर्याप्त पानी पीने से अपने आप निकल सकती है।
  2. दवाएं: डॉक्टर दर्द कम करने और पथरी को बाहर निकालने में मदद करने वाली दवाएं दे सकते हैं।
  3. शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL): ध्वनि तरंगों की मदद से पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।
  4. यूरेटेरोस्कोपी: एक पतली ट्यूब के माध्यम से पथरी को निकालने की प्रक्रिया।
  5. पीसीएनएल (PCNL): बड़ी पथरी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सर्जिकल तकनीक।

किडनी स्टोन से बचाव कैसे करें?

  1. पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर में 2.5–3 लीटर पानी पीना लाभदायक हो सकता है।
  2. नमक कम करें: अधिक नमक पथरी का खतरा बढ़ा सकता है।
  3. संतुलित आहार लें: फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें।
  4. नियमित व्यायाम करें: स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद मिलती है।
  5. डॉक्टर की सलाह का पालन करें: यदि पहले कभी पथरी हो चुकी है तो नियमित जांच करवाएं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • असहनीय दर्द
  • पेशाब में खून
  • बुखार और ठंड लगना
  • लगातार उल्टी
  • पेशाब बंद होना

समय पर उपचार गंभीर जटिलताओं को रोक सकता है।

निष्कर्ष

किडनी स्टोन के लक्षण समय पर पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करने से समस्या गंभीर हो सकती है। कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना और पेशाब करते समय जलन जैसे पथरी होने के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यदि आपको गुर्दे की पथरी के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सही जांच और उपचार करवाना आवश्यक है। कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि गुर्दे की पथरी कैसे निकाले, लेकिन इसका सही तरीका पथरी के आकार और स्थिति पर निर्भर करता है। समय पर उपचार और पर्याप्त पानी पीने जैसी अच्छी आदतों से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। बेहतर यूरोलॉजी देखभाल और विशेषज्ञ सलाह के लिए कई मरीज रीजेंसी हॉस्पिटल्स और वहां उपलब्ध अनुभवी urologist in Gorakhpur पर भरोसा करते हैं।

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